एक आदमी ने नया-नया कुत्ता ख़रीदा था, लेकिन चार-छह दिनों बाद ही वह कुत्ता लेकर अपने पड़ोसी के पास पहुंच गया और उससे उसे ख़रीदने के लिए चिरौरी करने लगा। उसने कहा, ‘यह बोलने वाला कुत्ता है।’ पड़ोसी को बिल्कुल भी विश्वास नहीं हुआ। वह आदमी बोला, ‘और आप इसे सिर्फ़ पचास रुपए में ख़रीद सकते हैं।’ अब तो पड़ोसी को पक्का यक़ीन हो गया कि वह उससे मÊाक़ कर रहा है। उसने कहा, ‘मÊाक़ करने के लिए क्या मैं ही मिला था?
दुनिया में कोई भी कुत्ता भौंकने के अलावा और कुछ नहीं बोल सकता।’ पड़ोसी का इतना कहना था कि कुत्ते ने आंखों में आंसू भरकर गिड़गिड़ाते हुए बोलना शुरू कर दिया, ‘प्लीÊा, मुझे ख़रीद लीजिए सर! मेरा मालिक तो पूरा कसाई है। यह न तो मुझे ढंग से खाने को देता है, न ही बाहर निकलने देता है। यह मुझे नहलाता-धुलाता तक नहीं है।’ अपने कुत्ते की ये बातें सुनकर उसके मालिक का ग़ुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने कहा, ‘देखा आपने, इसीलिए मैं इसे बेचना चाहता हूं।’
मालिक की प्रतिक्रिया से बेपरवाह, कुत्ते ने बोलना जारी रखा, ‘और सर, मेरी यह दुर्गति तब है, जबकि मैं दुनिया का सबसे शानदार कुत्ता हूं। इससे पहले मैं बिल गेट्स और मुकेश अंबानी जैसे मालिकों के साथ उनके बेडरूम में सोता था। मेरी सेवा-चाकरी के लिए दसियों नौकर-चाकर लगे रहते थे। और आज..आज इस आदमी ने मेरी यह दुर्गति कर दी है।’
बोलते कुत्ते की कहानी से हैरान पड़ोसी उसके मालिक को लताड़ने के अंदाÊा में बोला, ‘सचमुच! यह तो बोलने वाला कुत्ता है। बेचारा। आपने इतने शानदार कुत्ते की यह गत बना दी है!’ पड़ोसी की बात पर मालिक ने अपने पालतू को खा जाने वाली निगाहों से देखा और दांत पीसते हुए बोला, ‘इसी कारण..इसी कारण मैं इस स्साले कुत्ते को पचास रुपए में बेच रहा हूं। मैं इस झुठल्ले की ऐसी ही मनगढ़ंत बातों से तंग आ चुका हूं।’
सबक़ : झूठ बोलने वाले, लंबी-लंबी फेंकने वाले की क़ीमत दो कौड़ी की भी नहीं रह जाती, चाहे कुत्ता हो या इंसान। व्यक्ति के झूठ के कारण उसकी अच्छे से अच्छी प्रतिभा पर भी पानी फिर जाता है
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